Ads

जयपुर. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) की कमान बुधवार से टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के हाथ में आ जाएगी। वे बीसीसीआई के 39वें अध्यक्ष होंगे। उनके साथ अमित शाह के बेटे जय शाह सचिव होंगे। गांगुली के साथ बीसीसीआई की पूरी यंग टीम होगी। इसी के साथ प्रशासकों की समिति (सीओए) की भूमिका भी बीसीसीआई में खत्म हो जाएगी। दो साल से ज्यादा समय तक बीसीसीआई के एक्टिंग प्रेसीडेंट रहे सीकेखन्ना को गांगुली और शाह की टीम से क्या उम्मीदें हैं। वे किस तरह से बीसीसीआई को नई ऊंचाइयां दे सकते हैं और इन दो साल में एक्टिंग प्रेसीडेंट के रूप सीओए के साथ उनके खट्टे-मीठे अनुभव पर भास्कर संवाददाता ने उनसे बात की।

सवाल- बुधवारसे सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष बन जाएंगे। आपको गांगुली और शाह की यंग टीम से भारतीय क्रिकेट को लेकर क्या उम्मीदें हैं?
जवाब- गांगुली एक सफल कप्तान रहे हैं। भारतीय क्रिकेट की खूबियों और खामियों को वे अच्छी तरह से समझते हैं। फिर उनके साथ युवा जय शाह भी हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि बीसीसीआई की ये यंग टीम भारत की क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। खासकर डोमेस्टिक क्रिकेट को लेकर उनसे बहुत उम्मीदें हैं।

सवाल- लम्बे समय बाद एक क्रिकेटर बीसीसीआई की कमान संभाल रहा है। क्या आपको लगता है कि पूर्व क्रिकेटरों के लिए भी वे कुछ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे?
जवाब- वे खुद क्रिकेटर रहे हैं। कैब के अध्यक्ष भी रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर्स को उनसे काफी उम्मीदें होंगी। वैसे भी क्रिकेटर्स की एसोसिएशन भी बन गई है। वे क्रिकेटर्स के संघ के साथ अच्छा तालमेल बनाएंगे और पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर्स के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम करेंगे।

सवाल- गांगुली ने कहा है कि वे जल्द ही स्टेट क्रिकेट संघ का बकाया पैसा रिलीज करवाएंगे? इससे राज्यों में क्रिकेट को फिर से दिशा मिल सकेगी?
जवाब- गांगुली और उनकी बीसीसीआई की यंग टीम की यह अच्छी सोच है। राज्य क्रिकेट संघों को बकाया पैसा मिलेगा तो वहां क्रिकेट फिर से पटरी पर आ सकेगी। जिन राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम नहीं हो सका है, वहां स्टेडियम वगैरह बन सकेंगे। क्रिकेट संघों को पैसा मिलने से क्रिकेटर्स को भी ज्यादा से ज्यादा घरेलू टूर्नामेंट खेलने को मिल सकेंगे।

सवाल- आप करीब 2 साल पहले बीसीसीआई के एक्टिंग प्रेसीडेंट बने थे। लेकिन सीओए के कारण आप पर काफी बंदिशें रहीं। कोई भी काम स्वतंत्र रूप से नहीं कर सके?
जवाब- हां, बीसीसीआई का सीनियर वाइस प्रेसीडेंट होने के चलते मुझे सुप्रीम कोर्ट ने दो साल पहले एक्टिंग प्रेसीडेंट बनाया था। उसी समय सुप्रीम कोर्ट ने सीओए का भी गठन किया था। इसलिए हम कोई भी निर्णय स्वतंत्र रूप से नहीं कर सके। सीओए के साथ हमारे खट्टे-मीठे अनुभव रहे। लेकिन अब गांगुली की अध्यक्षता में बीसीसीआई स्वतंत्र रूप से काम करेगी। सीओए का रोल भी बुधवार से गांगुली के अध्यक्ष पद संभालते ही खत्म हो जाएगा।

सवाल- गांगुली को सिर्फ 10 महीने का ही समय मिला है। इतने कम समय में उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है?
जवाब- अगर कोई इनसान काम करने वाला है तो उसके लिए 10 महीने का समय भी बहुत होता है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इन 10 महीने में वे इंडियन क्रिकेट के लिए काफी कुछ कर सकते हैं। फिर 10 महीनों में भारतीय क्रिकेट में कितना कुछ बदलता है यह तो समय ही बताएगा। गांगुली के अनुभव को देखते हुए मुझे पूरी उम्मीद है कि वे बीसीसीआई के सफल ‘कप्तान’ साबित होंगे।

सवाल- बीसीसीआई और आईसीसी में अभी से टकराव की स्थिति पैदा गई है?
जवाब- हर चीज सुलझ जाएगी। गांगुली के पास आईसीसी में भी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से काम करने का अनुभव है। उन्हें पता है कि किस मसले को किस तरह से सुलझाना है।

DBApp



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सौरव गांगुली। -फाइल फोटो


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/33Sq85b

Post a Comment

أحدث أقدم

Ads

ads